Showing posts with label Realize. Show all posts
Showing posts with label Realize. Show all posts

Thursday, 7 July 2016

सही ध्यान का पहला आत्मिक अनुभव! क्या आपने किया???

नमस्कार दोस्तों और स्वागत है आप सभी का,

अगर आपने पिछले सभि लेख पढ़ें होंगे तो आपको ये पहले से मालूम होगा कि ध्यान  करने की कोई ख़ास विधि सीखने की आवश्यकता नहीं है क्यूंकि ध्यान हमारी आत्मा का एक मात्र गुण है और वो पूर्ण रूप से प्राकृतिक है।

बड़े दुःख की बात है ज्यादातर लोग आजकल ध्यान को सीखने के लिए ऐसे लोगो के पास जाते हैं  जिन्हें खुद इस विषय के बारे में ज्ञान नहीं है। कुछ लालची व व्यवसायी बुद्धी के लोग धर्म, ज्ञान, आत्मज्ञान व् भगवान् के स्वयं घोषित ठेकेदार

Friday, 3 June 2016

यहाँ मिलता है भगवान।



नमस्कार और वापस स्वागत है आपका,

पिछली पोस्ट "9 कारण जिसकी वजह से आपको भगवान नही दिखता।" (क्लिक करें) में हमने चर्चा की भगवान कहाँ नही हो सकता और हम एक तार्किक नतीजे पर पहुंचे कि हम एक पक्षपाती भगवान की कल्पना नहीं कर सकते। अगर वह पक्षपाती है तो वह भगवान नहीं है। वो भौतिक दुनिया मे तो बिल्कुल नहीं हो सकता क्युंकि हमारा भगवान पक्षपाती नहीं हो सकता

Like our Page

>