नमस्कार दोस्तों और स्वागत है आप सभी का,
अगर आपने पिछले सभि लेख पढ़ें होंगे तो आपको ये पहले से मालूम होगा कि ध्यान करने की कोई ख़ास विधि सीखने की आवश्यकता नहीं है क्यूंकि ध्यान हमारी आत्मा का एक मात्र गुण है और वो पूर्ण रूप से प्राकृतिक है।
अगर आपने पिछले सभि लेख पढ़ें होंगे तो आपको ये पहले से मालूम होगा कि ध्यान करने की कोई ख़ास विधि सीखने की आवश्यकता नहीं है क्यूंकि ध्यान हमारी आत्मा का एक मात्र गुण है और वो पूर्ण रूप से प्राकृतिक है।
बड़े दुःख की बात है ज्यादातर लोग आजकल ध्यान को सीखने के लिए ऐसे लोगो के पास जाते हैं जिन्हें खुद इस विषय के बारे में ज्ञान नहीं है। कुछ लालची व व्यवसायी बुद्धी के लोग धर्म, ज्ञान, आत्मज्ञान व् भगवान् के स्वयं घोषित ठेकेदार

